Showing posts with label पंजाबी. Show all posts
Showing posts with label पंजाबी. Show all posts

Saturday, 25 June 2016

कुछ पंजाबी

बेजाँ बेदर्दा इस दिल विचों तेरी हर एक याद भुला देणी
मे अपणे सब अरमाना ननुं आज आ'पे ही तीली ला देणी...

मेरे अथरू, मेरीया अंखा तेनु की
कित्थे लावां, कित्थे रख्खा तेनु की
 ( अर्थ- मेरे आँसू , मेरी आँखें ,तुम्हें क्या कहाँ लाऊं कहा रखूँ , तुम्हें क्या )

मेँ हाल वेख ल्ये हीरा दे
सब धोखे ने तकदीराँ दे
तू जद पुछ्दा प्याराँ लै
दिल हामी भरदा ऐ
तेनु प्यार ता करदी आ
वे दिल टूटणु डरदा ऐ ...

"सानु हंसके हसाण वाळे टूर गए हूण हंसिया नी जाँदा
टूटी ज़िंदगी ते चरखे दी माल वे तंद्द कतिया नी जाँदा...."
 
थोड़ा वक़्त लगु पर भूल ज्यांगे जवें तूँ सानु भूल गई
हाल चाल ता ठीक जैया पर पैला वरगा नहीं...

तूँ भुल्ल जावण दी गल करदी, भुल जाणा केड़ा सौखा हे....
बिछड़ के जीणा नि झलिए, सौ बार मरण तों औखा हे....
सानु पता असा ने डूब जाणा, चल फेर वी तरके वैखांगे
तेन्नु दिलों भुलाया नहीं जाणा, चल कोशिश करके वैखांगे

( हमे पता है की हम डूब जाएंगे, मगर चल फेर भी तैर के देखेंगे,
तुम्हें दिल से भुलाया नहीं जा सकता , मगर चलो फिर कोशिश करके देखेंगे)

बैठया सूतया याद कोई तड़फौन्दी रहंदी ए...
इक कुड़ी मेनू अजे वी चेते ओंदी रहंदी ए...

लंघदे हां जदों हूण शहर विचों तेरे,
बीती हुई जिंदगी पुराणी चेते आ जांदी"

 

 

 

 

 

शादी-विवाह और मैरिज ।

आज से पचास-पचपन साल पहले शादी-ब्याह की परम्परा कुछ अनूठी हुआ करती थी । बच्चे-बच्चियाँ साथ-साथ खेलते-कूदते कब शादी लायक हो जाते थे , कुछ पता ...